तेरा ख़याल है, तेरा जमाल है, तू है, मुझे ये ताबिश-ओ-दानिश कहाँ कि मैं क्या हूँ!
Couplets [ अशार ]
here are the Words I like from poems.
— unknown
भूक के एहसास को शेर-ओ-सुख़न तक ले चलो या अदब को मुफ़लिसों की अंजुमन तक ले चलो
जो ग़ज़ल माशूक़ के जल्वों से वाक़िफ़ हो गई उस को अब बेवा के माथे की शिकन तक ले चलो